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जिला अस्पताल में लावारिस मरीजों की हालत दयनीय
उज्जैन। जिला अस्पताल में लावारिस मरीजों की हालत दयनीय है। उन्हें न तो यहां पलंग मिलता है और न ही उपचार ठीक से उपलब्ध हो पाता है। अधिकांश मामलों में ऐसे मरीज यहां दम तोड़ देते हैं और पुलिस द्वारा शवों का पीएम कराने के बाद अंतिम संस्कार भी कर दिया जाता है।
पुलिस अथवा स्वयंसेवी संस्थाओं को यदि कोई लावारिस शहर में बीमार, घायल अवस्था में मिलता है तो उसे तुरंत जिला चिकित्सालय पहुंचाया जाता है। यहां डॉक्टरों द्वारा मरीज की स्थिति का जायजा लेते हुए यदि हालत गंभीर होती है तो उसे भर्ती कर लिया जाता है। यहां से शुरू होती है लावारिस मरीज के साथ अमानवीयता की कहानी। जिस वार्ड में मरीज को पहुंचाया जाता है वहां न तो मरीज को पलंग उपलब्ध होता है और न ही उसे बाटल अथवा दवाएं नियमित दी जाती हैं।
गंभीर घायल तो व्यवस्थित उपचार के अभाव में दम तोड़ देते हैं। उपचार के दौरान मृत्यु होने पर मरीजों को वार्ड से स्ट्रेचर पर डालकर बाहर लावारिस हालत में छोड़ दिया जाता है और पुलिस को खबर कर दी जाती है। अब पुलिस यहां से लावारिस शव को पीएम कराने से लेकर अंतिम संस्कार तक का काम करती है।